Tuesday, 14 March 2017

तितलियाँ



चंचल मोहक तितलियाँ, रंग-बिरंगे पंख
करती थीं अठखेलियाँ, जो फूलों के संग

बगिया में रौनक नहीं, उपवन है बेरंग
कहाँ तितलियाँ गुम हुईं, लेकर सारा रंग
 
© हिमकर श्याम
  
(चित्र गूगल से साभार)
 


9 comments:

  1. बहुत खूब ... तितलियाँ यहीं हैं ... रंग भी यहीं हैं ... देखने वाले चाहियें ...

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  2. सुन्दर पंक्तियाँ

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  3. साथॆक प्रस्तुतिकरण......
    मेरे ब्लाॅग की नयी पोस्ट पर आपके विचारों की प्रतीक्षा....

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  4. Nice blog keep posting and keep visiting on www.kahanikikitab.com

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